IELTS Speaking

IELTS Speaking, ठीक से समझिए

हर part में क्या होता है, चारों criteria पर असल में अंक कैसे दिए जाते हैं, और वे खास आदतें जो आपको Band 6 से Band 7 तक ले जाती हैं।

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4 मिनट में पढ़ें · अपडेट किया गया 3 अक्टूबर 2026

टेस्ट का फ़ॉर्मेट और समय

IELTS Speaking एग्ज़ामिनर के साथ 11-14 मिनट की आमने-सामने की बातचीत है। इसके तीन parts होते हैं, और एक part से दूसरे में जाना एग्ज़ामिनर तय करता है।

Partसमयक्या होता है
Part 14-5 मिनटपरिचय और जाने-पहचाने विषयों पर छोटे सवाल: काम, आपका शहर, खाली समय, खाना।
Part 23-4 मिनटआपको एक cue card मिलता है। तैयारी और नोट्स के लिए एक मिनट, फिर बिना रुकावट दो मिनट बोलना।
Part 34-5 मिनटPart 2 के विषय से निकली अमूर्त चर्चा। एग्ज़ामिनर आपसे अपनी राय का कारण बताने पर ज़ोर देता है।

एग्ज़ामिनर आपकी गलती नहीं सुधारेगा, "well done" नहीं कहेगा और कोई इशारा नहीं देगा। यह रूखापन जानबूझकर है — इससे हर उम्मीदवार के लिए हालात एक जैसे रहते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि आप बुरा कर रहे हैं।

जाँच के चार criteria

आपका स्कोर चार अलग-अलग criteria का औसत है, और हर एक का वज़न बराबर है। बेहतरीन ग्रामर के साथ कमज़ोर प्रवाह भी बीच का ही band देता है।

1. Fluency and coherence (प्रवाह और तालमेल)

यह मापता है कि आप कितना लगातार बोलते हैं, यह नहीं कि कितना तेज़। रुकना सामान्य है — पर "erm" और "how do you say" जैसे भराव वाले शब्द, और वाक्य आधे में छोड़कर दोबारा शुरू करना, अंक कटवाते हैं। जोड़ने वाले शब्द (however, although, that's why) coherence का स्कोर सीधे बढ़ाते हैं।

2. Lexical resource (शब्दावली)

बात कठिन शब्दों की नहीं, सही शब्द ढूँढने की है। जो शब्द नहीं आता, उसे घुमाकर समझा पाने (paraphrasing) पर साफ़ तौर पर अंक मिलते हैं। ऊँचे band पर पर्यायवाची और मुहावरेदार भाषा की उम्मीद होती है।

3. Grammatical range and accuracy (ग्रामर की विविधता और शुद्धता)

गलती न करना काफ़ी नहीं — एग्ज़ामिनर विविधता देखते हैं। जो उम्मीदवार पूरी बात simple present tense में करता है, वह एक भी गलती के बिना भी 6 पार करने में मुश्किल पाएगा। Conditionals, relative clauses और अलग-अलग tenses band को ऊपर खींचते हैं।

4. Pronunciation (उच्चारण)

एक्सेंट कोई समस्या नहीं — तेज़ क्षेत्रीय एक्सेंट के साथ भी 8 मिल सकता है। मापी जाती है समझ में आने की क्षमता: शब्दों पर ज़ोर, वाक्य का उतार-चढ़ाव और स्वरों की लंबाई। सपाट, एक सुर में बोलना यहाँ अंक गँवाने का सबसे आम तरीका है।

Band 6 को Band 7 से क्या अलग करता है

ज़्यादातर उम्मीदवार इसी दहलीज़ पर अटकते हैं। फ़र्क आम तौर पर शब्दावली का नहीं, बर्ताव का होता है:

  • Band 6: बात समझ आती है पर झिझक के साथ; गलती के बाद पीछे जाकर वाक्य दोबारा शुरू करते हैं; जवाब छोटे और शब्दशः होते हैं।
  • Band 7: गलतियाँ अब भी होती हैं, पर प्रवाह तोड़े बिना आगे बढ़ते हैं; उदाहरणों से जवाब फैलाते हैं; राय रखते हैं और उसका कारण बताते हैं; अलग-अलग ग्रामर स्वाभाविक रूप से आता है।

7 तक का रास्ता "कोई गलती न करना" नहीं है — बल्कि गलतियों के बावजूद बोलते रहना है।

पाँच सबसे आम गलतियाँ

  1. रटे हुए जवाब। एग्ज़ामिनर उन्हें तुरंत पहचान लेते हैं और अंक काटते हैं। तैयार किया हुआ टुकड़ा सवाल पर कभी पूरी तरह फ़िट नहीं होता, और intonation उसकी पोल खोल देता है।
  2. Part 2 जल्दी खत्म कर देना। चालीस सेकंड में रुक जाने का मतलब है एग्ज़ामिनर को परखने के लिए कुछ न देना।
  3. Part 1 में एक शब्द के जवाब। "Yes, I do" सही है, पर उसका कोई मूल्य नहीं।
  4. Part 3 में कोई पक्ष न लेना। "Both sides have a point" बचने वाला जवाब है; एग्ज़ामिनर आपकी राय सुनना चाहता है।
  5. बात समझ न आने पर चुप हो जाना। "Sorry, do you mean…?" कहना जायज़ है और इसका कोई नुकसान नहीं। चुप्पी का बहुत नुकसान है।

अभ्यास कैसे करें

Speaking अकेला ऐसा हिस्सा है जो पढ़ने से बेहतर नहीं होता। शब्दों की सूचियाँ रटने से आपका Reading स्कोर सुधरता है, Speaking नहीं — क्योंकि यहाँ असली समय में बोल पाना मापा जाता है।

  • ज़ोर से बोलकर अभ्यास कीजिए। जो वाक्य आप मन में बनाते हैं, वह वही वाक्य नहीं होता जो मुँह से निकलता है।
  • टाइमर इस्तेमाल कीजिए। अगर आपने कभी असली दो मिनट के सामने Part 2 का अभ्यास नहीं किया, तो परीक्षा के दिन लंबाई का अंदाज़ा नहीं लगा पाएँगे।
  • रिकॉर्ड करके सुनिए। अपने भराव वाले शब्द पकड़ने का यही एक तरीका है।
  • कार्ड पहले देखे बिना बोलिए। तैयारी का एक मिनट सचमुच एक मिनट ही रखिए।

ठोस सामग्री के लिए: 45 cue card विषय और Part 1 सवालों का बैंक।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

IELTS Speaking टेस्ट कितना लंबा होता है?

कुल 11 से 14 मिनट: Part 1 के लिए लगभग 4-5 मिनट, Part 2 के लिए एक मिनट की तैयारी समेत 3-4 मिनट, और Part 3 के लिए 4-5 मिनट।

क्या मेरा एक्सेंट IELTS Speaking स्कोर पर असर डालता है?

नहीं। Pronunciation में यह देखा जाता है कि आपकी बात कितनी आसानी से समझ आती है — word stress, intonation और स्वरों की लंबाई — न कि आप native speaker जैसे लगते हैं या नहीं। तेज़ क्षेत्रीय एक्सेंट वाले उम्मीदवार भी अक्सर 8 या उससे ज़्यादा लाते हैं।

क्या मैं एग्ज़ामिनर से सवाल दोहराने को कह सकता हूँ?

हाँ। एग्ज़ामिनर से सवाल दोहराने या दूसरे शब्दों में पूछने को कहने से आपके अंक नहीं कटते। सवाल समझ न आने पर चुप रह जाने से कटते हैं।

Band 6 और Band 7 में क्या फ़र्क है?

Band 6 वाले वक्ता की बात समझ आती है, पर वे अटकते हैं और गलती के बाद अक्सर वाक्य दोबारा शुरू करते हैं। Band 7 वाले भी गलतियाँ करते हैं, पर बोलने का प्रवाह नहीं टूटने देते, उदाहरणों से जवाब आगे बढ़ाते हैं और ज़्यादा तरह के ग्रामर स्ट्रक्चर स्वाभाविक रूप से इस्तेमाल करते हैं।

क्या IELTS Speaking के लिए जवाब रट लेने चाहिए?

नहीं। एग्ज़ामिनर रटे हुए जवाब पहचानने के लिए प्रशिक्षित होते हैं और उन पर अंक काटते हैं। तैयार किए हुए टुकड़े पूछे गए सवाल पर शायद ही ठीक बैठते हैं, और intonation में बदलाव साफ़ सुनाई देता है।

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